रोग प्रतिरोधक छमता को बढ़ने के घरेलु उपाय
जैसे जैसे पूरे विश्व में कोरोना वायरस फैल रही है लोगों की अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। लोग आये दिन इसी खोज में हैं की अपने रोग प्रतिरोधक छमता को कैसे बढ़ाया जाए।

आज लोग अपने घरों में बन्द रहने पर मजबूर हैं। किसी ने नही सोचा होगा की हमें ऐसे दिन देखने को मिलेंगे। ना जाने इस महामारी से कितने लोग संक्रमित हैं और कितनों की जानें जा चुकी हैं और कितनों की जाने जाएंगी। यह महामारी इंसान से इंसानो में फैलती हैं। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होती है। कई व्यक्ति में इस वायरस के लक्षण भी दिखाई नही देते । अगर आपको खाँसी , जुकाम , और सांस लेने में तकलीफ है , तो संभव है की आपको कोरोना हो। ऐसा होने पर तुरंत अपने निजी अस्पताल में जाएं। अगर आपको इनमे से कोई भी लक्षण नही हैं तो आप अपने घरों में ही रहें और अपनी सेहत और रोग प्रतिरोधक छमता को बढ़ाने में ध्यान दें।
इनमे से बहुत से पदार्थ आपके घरों में ही उपलब्ध हैं जो आपकी रोग प्रतिरोधक छमता को बढ़ाएंगी :-
- खट्टे फल
जितना हो सके खट्टे फलों का सेवन करें । जैसे निम्बू , संतरे , अमला आदि । खट्टे फलों में खनिज पदार्थ जैसे विटामिन C और विटामिन B की मात्रा अधिक होती है। खट्टे फलों में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा भी ज्यादा होती है , जो किसी भी बीमारोयों से लड़ने में असरकारक है।

संतरे में फाइबर होता है जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है। खट्टे फलों का सेवन रोज करके हम पथरी , कैंसर , दिल की बीमारी , दिमाग की बीमारी और पेट की कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं बशर्ते आप इसे जूस के आधार पर नही बल्कि साबुत ही खाएं। यह हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने में काफी असरकारक है।
2. गिलोय/अमृता
क्या आप जानते हैं गिलोय को अमृत क्यों कहा जाता है ? गिलोय एक ऐसी जड़ीबूटी है जिससे कई बीमारियों का इलाज होता है और यहां तक की इससे कई तरह की दवाईयां भी बनाई जाती हैं। गिलोय हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने का बहुत ही बढियां स्रोत है।
गिलोय आपको किसी भी आयुर्वेद की दुकान या फिर आसपास के वृक्ष मैदानों में बड़ी आसानी से मिल जाएगी। गिलोय में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो हमारे अंदर के शरीर को तरोताज़ा रखने में मदद करते हैं और तो और कई तरह की बीमारियों , बुखार और वायरस से भी लड़ते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक गिलोय किसी भी प्रकार के तनाव , अपचन , मधुमेह या सांस से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में सहायक है।

गिलोय को आप चूर्ण , काढ़ा या गोली के रूप में ले सकते हैं। काढ़ा बनाने की विधि नीचे दी गयी है। गिलोय के किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट्स नही हैं।
3. अश्वगंधा
अश्वगंधा का प्रयोग पिछले 3000 सालों से तनाव को दूर करने और शरीर में ऊर्जा और एकाग्रता के संचार के लिए किया जाता रहा है। अश्वगंधा का अर्थ है घोड़े की सुगंध। इसका रसायनिक नाम कुछ इस प्रकार है “Withania Somnifera”. अश्वगंधा का इस्तेमाल मुख्य रूप से जाड़े में ही किया जाता है। यह हमारे शरीर में ऊर्जा का संचार करती है और हमारे शरीर को हिश्ट् पुष्ट बनाने में भी मददगार है।
ठंड के समय 1 चम्मच अश्वगंधा को 400 ml गर्म दूध में रात को सोते वक़्त रोज लें। अगर आपको दूध पचाने में कठिनाईयां होतीं है तो आप इसे हल्के गर्म पानी में लें। इसका असर कुछ ही दिनों में आपको दिखने लगेगा। यह आपको किसी भी आयुर्वेद या खाद्य पदार्थ की दुकानों में मिल जाएगी।

गर्भवती महिलाएं या किसी रोग से पीड़ित व्यक्ति इसे बिना डॉक्टर के सलाह के न लें।
4. हल्दी
भारत में हल्दी का इस्तेमाल सदियों से होता आया है , फिर चाहे वो खाना बनाने के तौर पर हो या फिर किसी रोग के इलाज के लिए हो। आयुर्वेद में हल्दी की बहुत ही ज्यादा महत्व है। हल्दी हिंदुस्तान के सभी घरों में पाई जाती हैं। हल्दी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाई जाती हैं और डॉक्टरों के मुताबिक यह आर्थराइटिस , पेट से जुड़ी समस्याएं , किसी भी प्रकार के चोट या घाव को ठीक करने में असरकारक है। इसे आप दादी नानी वाला नुस्खा भी बोल सकते हैं। हल्दी में रोगों को हरनेवाले गुण पाए जाते हैं। हल्दी हमारी रोग प्रतिरोधक छमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। हल्दी में curcumin नाम की एक रसायन पाई जाती ही जो स्वास्थवर्धक साबित हुई हैं।

आधी छोटी चम्मच हल्दी को 400 ml गर्म दूध के साथ सोने से पहले रोज लें। आपकी इम्युनिटी कुछ ही दिनों में बढ़ने लगेगी और पेट से जुड़ी समस्याओं का भी पतन होने लगेगा।

अगर आप रोज हल्दी का दूध पीते हैं तो आधी छोटी चम्मच से ज्यादा हल्दी दूध में ना मिलाएं , इतनी काफी है।
5. बादाम
पोषक तत्वों से भरपूर बादाम का सेवन व्यक्ति को प्रतिदिन करना चाहिए। बादाम में विटामिन E , एंटीऑक्सीडेंट्स , फाइबर , प्रोटीन और भी कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।

अगर आप 40 से 50 बादाम का सेवन रोज करते हैं तो आप अपने एक दिन के कैलोरी में 20% की कैलोरी सिर्फ बादाम से ही प्राप्त कर सकते हैं। ऐसा माना भी जाता है की बादाम का सेवन करने से दिमाग तेज़ होती है जो अपने आप में ही सच है क्यों की बादाम से हम तनाव मुक्त रहते हैं , हां बस आपको यह याद होना चाहिए की आपने बादाम रखा कहाँ था 😀 बादाम को रात को पानी में भिगो कर सुबह सुबह खाएं।
6. दालचीनी
सदियों से चले आ रहे प्राचीन मसालों में कहीं न कहीं दालचीनी का भी उल्लेख आता है। और आए भी क्यों न , इसकी इतने स्वादिष्ट और उपचारिक गुण जो हैं। आप इसे चाय , काढ़ा या फिर इसे पीस कर मसाले के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कई बीमारियां जैसे दिल की बीमारियां , मधूमेह , कैंसर , और किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया या फंगस के संक्रमण से लड़ने में भी असरदार है।

काढ़ा बनाने की विधि नीचे है
7. अदरक-लहसुन
घर में आसानी से उपलब्ध अदरक आपके लाखों दुखों की दवा है आयुर्वेद में अदरक का काफी महत्व बताया गया है। अदरक धरती पर मौजूद सबसे ज्यादा स्वास्थ्यप्रद मसालों में से एक है। पोषक तत्वों और बायोएक्टिव यौगिकों से भरा हुआ अदरक इंसान के आपके शरीर और दिमाग के लिए लाभकारी होता है। अगर आपको एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों में दर्द हो रहा है तो अदरक के इस्तेमाल से इसमें राहत मिल सकती है। अदरक कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है।

वहीं लहसुन के भी अनगिनत फायदे हैं। लहसुन में भरपूर मात्रा में विटामिन C , विटामिन B6 , फाइबर आदि पाए जाते हैं। लहसुन आपको बुखार , सर्दी और ज़ुकाम में राहत देने का कार्य करता है। लहसुन किसी भी सब्जियों में डाली जाए तो उसका स्वाद दुगुना हो जाता है। अदरक और लहसुन आपको जरूर खानी चाहिए। होटलों में भी अदरक लहसुन का प्रयोग भरपूर मात्रा में किया जाता है जिससे भोजन स्वादिष्ट बन सके। अदरक का उपयोग काढ़े बनाने के लिए भी किया जाता है।
8. ग्रीन टी
न जाने आप में से कितने ऐसे होंगे जिसे सुबह उठते ही एक कप चाय चाहिए ही चाहिए। बिना चाय आपकी दिन की सुरुआत ही नही होती होगी। कितनों की तो चाय पिये बिना पेट ही साफ नही होती। उन्हें हमेशा यह शिकायत रहती है। लेकिन यह सब आपकी गलतफहमी है। आप अपने मन को अंदर ही अंदर कमजोर कर रहे हैं और उसे चाय पर निर्भर होने पर मजबूर कर रहे हैं।

अगर आप चाय के बिना नही भी रह सकते तो आपको कम से कम दूध वाली चाय की जगह ग्रीन टि ही पीना चाहिए। सुबह सुबह दूध वाली चाय पीने से आपको पाचन समस्याएं हो सकती हैं लेकिन ग्रीन टि में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो आपके मोटापे को कम करने में भी सहायक हैं। इसे आप रोज सुबह चाय की जगह पर लेकर देखें और फर्क खुद महसूस करें।
यह सभी उपचार मैंने सबसे पहले खुद पर किया है।
9. तुलसी
तुलसी एक ऐसी जड़ीबूटी है जिसे हिन्दू घरानों में भगवान का दर्ज़ा दिया गया है जो कहीं न कहीं सही भी है। तुलसी का इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से होता आया है। तुलसी को हम अक्सर प्रसाद के रूप में लेते हैं। तुलसी का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। तुलसी हमे तनाव मुक्त रखती है। इतना ही नही तुलसी में पाए जाने वाले रसायन अस्थमा , अर्थराइटिस , जैसे बीमारियों में भी प्रयोग किया जाता है। तुलसी हमे उम्र के पहले बुढ़ापे से भी बचाती हैं।

तुलसी का इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं को नही करना चाहिए । तुलसी को काढ़े में भी डाला जा सकता है।
10. कालीमिर्च
काली मिर्च न सिर्फ एक मसाला है बल्कि अब इसे मसालों का राजा भी कहा जाने लगा है क्यों की इसके काफी सारे फायदे हैं। काली मिर्च के उतने ही फायदे पाएं गए हैं जितने हल्दी के फायदे हैं। काली मिर्च में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को किसी भी बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं। काली मिर्च को अपने भोजन में शामिल करें और फिर इसका असर देखें।

1 से 2 चुटकी काली मिर्च को सब्जियों में अवस्य मिलाएं। आप किसी भी होटल में देखेंगे तो आपको सब्जियों में काली मिर्च डली हुई मिलेंगी। कालीमिर्च का उपयोग काढ़ा बनाने में भी किया जाता है।
11. लौंग
लौंग की अपनी एक अलग ही पहचान है। क्या आप जानते है लौंग एक ऐसा मसाला है जिसे खाने से हमारी हड्डियां मजबूत बनती हैं , और तो और इसे खाने से आपकी बैक्टीरिया को मारने की शक्ति भी बढ़ती ही। आप चाहें तो इसे 1 गिलास पानी में उबालकर , इसका काढ़ा बना लें या फिर इसे ऐसे ही अपने मुँह में रख लें।

अगर आपको पेट से जुड़ी समस्यायें है जैसे पेट साफ न होना , अपच होना , पेट का गर्म होना , गैस बनना , तो आप लौंग न खाएं। लौंग की तासीर गर्म होती है इसलिए जिनका पेट सही नही है उन्हें यह नही खानी चाहिए।
12. गुड़ / शहद
कोई भी पर्व हो या त्योहार या फिर कोई खुसी की हो सौगात , मिठाई खाए और खिलाए बिना नही बनती है बात। लेकिन क्या आप जानते हैं इन् मिठाईयों में न जाने कितनी चीनी मिलाई जाती है। चीनी आपको दिन ब दिन अंदर ही अंदर बीमार कर रही है। सस्ते के नाम पर आपके स्वास्थ के साथ खिलवाड़ हो रहा है। चीनी में न जाने कितने प्रकार के रसायन मिलाए जाते हैं जो हमें नुकसान पहुँचा रहे हैं। मेरी आपसे आग्रह है की कृपया चीनी का प्रयोग न करे या न के बराबर करें।
आप एक दिन चीनी की जगह गुड़ या शहद का प्रयोग करके देखें , क्या पता आपका खोया हुआ स्वास्थ्य आपको वापस मिल जाए। मैंने अपने सात्त्विक वाले आर्टिकल पर भी आपसे चीनी की जगह गुड़ का सेवन करने के लिए अनुरोध किया था। गुड़ गन्ने के रस को उबालकर बनाई जाती है। गुड़ हमारे इम्युनिटी को बढ़ाकर , हमारे रक्त और शरीर को भी साफ करता है। गुड़ रक्तचाप को भी ठीक करता है और तो और यह हमारे पेट को अंदर से ठंडक प्रदान करता है। गुड़ हमारे कब्ज़ को भी दूर करता है।

भोजन के बाद एक छोटी गुड़ की ढेली का सेवन करें। आपको पाचन से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलेगी। आप गुड़ या शहद को काढ़े में डाल कर भी पी सकते हैं।

13. पपीता
अगर आप भी सुबह सुबह नाश्ते में पपीते का सेवन करते हैं तो मैं ये बात पूरे दावे के साथ कह सकता हूँ , आपको किसी भी तरह की पेट से जुड़ी समस्याएं नही हो सकती हैं। पपीता विटामिन C और विटामिन A का बहुत बड़ा स्त्रोत है।

हमें हमारे डॉक्टर हमेशा यह सलाह देते हैं की हमें अपने पेट को साफ रखने के लिए पपीते का सेवन जरूर करना चाहिए। पपीते में lycopene नामक एक रसायन पाई जाती है जो हमारे हृदय को मजबूत बनाने में कारगर है। अगर आपको भी अपनी त्वचा से प्यार है और आप भी चमकती त्वचा चाहते हैं तो पपीते का सेवन रोज करें।
14. गरमपानी / गर्म भोजन (ताज़ा)
सब जानते हैं कि पानी पीना शरीर के लिए जरूरी है। अच्छी हेल्थ के लिए दिन में कम से कम 8 से 10 लीटर पानी पीना चाहिए। लेकिन ठंडे पानी की बजाय गर्म पानी के फायदे ज्यादा हैं।भोजन के आधे घंटे बाद हमेशा गर्म पानी पिएं। गर्म पानी आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। यह खाँसी और गले के ख़राश को ठीक करता है। गर्म पानी पीने से शरीर के अंदर जमा जहरीले तत्व बाहर आ जाते हैं। साथ ही कब्ज व पेट संबंधी कई रोग ठीक हो जाते हैं। खाली पेट सुबह 1 ग्लास गर्म पानी में नींबू डालकर पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर को विटमिन सी भी मिलता है।

15. योग
योग से रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है। योग से शरीर स्वस्थ और निरोग बनता है। योग मांस पेशियों को पुष्ट करता है और शरीर को तंदुरुस्त बनाता है, तो वहीं दूसरी ओर योग से शरीर से फैट को भी कम किया जा सकता है। योग शारीरिक और मानसिक रूप से वरदान है। योग से तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है, भूख अच्छी लगती है, इतना ही नहीं पाचन भी सही रहता है। योग से आप अपने ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करता है और बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल को घटता है। योग भगाये सारे रोग। रोज़ नियमित रूप से 30 मिनट योग करें।

काढ़ा बनाने की विधि :
3 लोगों के लिए
- एक पतीले में 3 गिलास पानी उबालें।
- उबलते हुए पानी में 6 से 8 लौंग की कलियां , 8 से 10 सबूत काली मिर्च , थोड़े से तुलसी के पत्ते , 2 इंच अदरक का टुकड़ा पीस कर , 1 छोटी टुकड़ी दालचीनी , और गिलोय के डंठल (वैकल्पिक) को डाल कर अच्छे तरह से उबालें।
- इसे तब तक उबालें जब तक पतीले का पानी आधा न हो जाए।
- अगर आपको गिलोय पसंद नही या आपके पास गिलोय उपलब्ध नही है तो आप इसे न डालें। गिलोय के अतिरिक्त भी यह काढ़ा बहुत ही असरदार बनता है।
- जब पतीले का पानी लगभग आधा हो जाए , तब आप इसे छान लें और इसमे अपनी पसंद की गुड़ या शहद मिला लें।
- तीनों लोगों को गरमा गरम काढ़ा परोसें और अपनी इम्युनिटी को बढ़ाएं।

- इस काढ़े को आप हफ्ते में 4 से 5 दिनों तक ले सकते हैं।
धन्यवाद।
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